
अमेरिका और ईरान आज चाहे एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन हों, लेकिन ईरान के पास मौजूद एक लड़ाकू विमान दोनों देशों के पुराने रिश्तों की याद दिलाता है. यह विमान है F-14 टॉमकैट, जिसे कभी अमेरिकी नौसेना की शान माना जाता था. सवाल अक्सर उठता है कि जब अमेरिका खुद इस जेट को कब का रिटायर कर चुका है, तो फिर यह ईरान के पास कैसे पहुंचा और आज उसकी हालत क्या है. इसकी कहानी 1970 के दशक से शुरू होती है. उस समय ईरान अमेरिका का करीबी सहयोगी था. देश पर शाह मोहम्मद रजा पहलवी का शासन था और अमेरिका उन्हें मध्य-पूर्व में सोवियत प्रभाव के खिलाफ एक मजबूत साझेदार मानता था. इसी रणनीतिक साझेदारी के तहत अमेरिका ने ईरान को कुल 79 F-14 टॉमकैट फाइटर जेट बेचे. यह कोई सामान्य हथियार सौदा नहीं था, क्योंकि F-14 उस दौर का सबसे एडवांस्ड और खतरनाक लड़ाकू विमान माना जाता था, जिसे अमेरिका आमतौर पर सिर्फ अपनी एयरक्राफ्ट कैरियर सुरक्षा के लिए इस्तेमाल करता था.
