
ईरान के हालातों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. खामेनेई के देश में ‘प्रदर्शन जारी रखो’ के उकसावे के बाद ट्रंप अटैक करने से पीछे हट गए हैं. प्रदर्शनकारियों को धोखा देने के बाद अमेरिका अपने स्टैंड को एहसान के तौर पर प्रमोट कर रहा है. हालांकि, ट्रंप का दोगलापन दुनिया के सामने आ चुका है. जहां एक तरफ ट्रंप, ईरान के मसले हल करने में फुस्स साबित हुए हैं. वहीं, दूसरी तरफ रूस के राष्ट्रपति हीरो बनकर सामने आए हैं. उन्होंने 2 फोन कॉल में ईरान और इजरायल के बीच मामला निपटा दिया है. पुतिन के इन 2 फोन कॉल की पूरी डीटेल सामने आई है.
पुतिन के 2 फोन कॉल का खेल
मीडिल ईस्ट की राजनीति में पुतिन ने कमाल कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उन्होंने कूटनीति के जरिए ईरान और इजरायल के बीच बिगड़ते हालात कंट्रोल कर लिए हैं. रूस ने पहले ही मध्यस्थता का ऑफर दिया था, जिसके बाद पुतिन ने तुरंत एक्शन लेते हुए 2 फोन कॉल किए. पहला कॉल इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गया और इसके कुछ घंटों बाद ही उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ बातचीत की.
पुतिन-नेतन्याहू में क्या हुई बात?
क्रेमलिन ने पुतिन के इस फोनकॉल के बारे में बताते हुए इसे पुतिन का शांति मिशन कहा है. क्रेमलिन ने बताया कि पुतिन ने नेतन्याहू से सीधे तौर पर कहा कि रूस इस संकट को सुलझाने के लिए एक ‘न्यूट्रल अंपायर’ या मीडिएटर की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है. पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि रूस का एकमात्र मकसद पश्चिम एशिया में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना है, जिसके लिए राजनीतिक संवाद बढ़ाना जरूरी है.
