
ईरान से तनाव के बीच दक्षिणी इजरायल में गुरुवार सुबह 4.2 तीव्रता का भूकंप आया. भूकंप आने के बाद बाद सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच अफवाहों का दौर शुरू हो गया. भूकंप के झटके डेड सी और दक्षिणी नेगेव इलाकों में महसूस किए गए, जिसके बाद कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या यह वास्तव में भूकंप था या फिर किसी गुप्त परमाणु गतिविधि का नतीजा. इजरायल की आपात सेवा मैगेन डेविड एडोम के मुताबिक भूकंप से किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है. हालांकि झटकों के तुरंत बाद कई शहरों में अलर्ट सायरन बजे और लोगों को खुले स्थानों में जाने की सलाह दी गई.
कहां था भूकंप का केंद्र?
इजरायल के जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर लगभग 20 किलोमीटर की गहराई में था. यूरोपीय-मेडिटरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर ने इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई है. भूकंप का केंद्र बीर्शेवा के दक्षिण-पूर्व में स्थित डिमोना शहर के पास बताया गया. डिमोना वही इलाका है, जहां इजरायल का अत्यंत संवेदनशील शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर स्थित है. यही वजह रही कि झटकों के बाद शक और अटकलें और तेज हो गईं. भूकंप के बाद और झटके नहीं लगे.
