
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाके NCR और राजस्थान में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गतिविधियों पर शिकंजा कसता जा रहा है. इसी कड़ी में दिल्ली क्राइम ब्रांच और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने गैंग को बड़ा झटका दिया है. बिश्नोई गैंग के लिए शूटर और हथियार सप्लायर की भूमिका निभा रहा प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू आखिरकार पुलिस के जाल में फंस गया. गैंग के लिए फायरिंग से लेकर अवैध हथियारों की सप्लाई तक, गोलू लंबे समय से कानून एजेंसियों की रडार पर था. उसकी गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि पुलिस अब गैंग के सिर्फ गुर्गों नहीं, बल्कि उसकी सप्लाई चेन पर भी सीधा वार कर रही है.
यह हेडिंग इसलिए भी पूरी तरह जायज है, क्योंकि गोलू कोई मामूली अपराधी नहीं था. वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग का ‘शार्प शूटर’ माना जाता था. रंगदारी, फायरिंग और हथियारों की डिलीवरी जैसे हाई-रिस्क काम उसी को सौंपे जाते थे. पुलिस की यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस बिसात का खुलासा है, जो महीनों से बिछाई जा रही थी. उत्तम नगर की गलियों में छिपा यह शूटर खुद को सुरक्षित समझ रहा था, लेकिन एक पुख्ता इनपुट ने पूरे खेल को पलट दिया.
