
मुंबई का मेयर कौन होगा? बीएमसी रिजल्ट के बा बाद यह बड़ा सवाल है. उससे भी बड़ा सवाल कि आखिरमुंबई का मेयर किसका होगा? भाजपा या एकनाथ शिंदे की शिवसेना का? कारण कि बीएमसी चुनाव के रिजल्ट आने के बाद अब मेयर पद पर घमासान है. जी हां, बीएमसी मेयर पद पर अब फाइव स्टार होटल पॉलिटिक्स का खेल शुरू है. बीएमसी चुनाव के नतीजे आते ही एकनाथ शिंदे ने अपने पार्षदों को फाइव स्टार होटल में शिफ्ट कर दिया. पहली नजर में तो यह लग रहा है कि एकनाथ शिंदे को उद्धव ठाकरे गुट से अपने पार्षदों को तोड़े जाने का डर है, मगर कुछ घटनाक्रमों पर गौर करने पर कहानी कुछ और ही नजर आती है. जी हां, ऐसा लगता है कि असल में यह शिंदे की एक सोची-समझी चाल है. और उससे भी अधिक यह कि शिंदे की यह चाल भाजपा के खिलाफ है, क्योंकि भाजपा को बीएमसी में बहुमत के लिए शिंदे की जरूरत है.
बीएमसी चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. हालांकि, उसे प्रचंड जीत नहीं मिली है. इस कारण वह अपने दम पर बहुमत के जादुई आंकड़े से दूर है. भाजपा को बीएमसी मेयर पद की कुर्सी पाने के लिए महायुति के साथी एकनाथ शिंदे की जरूरत है. एकनाथ शिंदे भाजपा की इस मजबूरी को समझते हैं. यही कारण है कि अब शिंदे इस मौके का फायदा उठाकर मेयर का पद हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. सियासी जानकराों का कहना है कि यह एकनाथ शिंदे का दिमाग है, जो भाजपा की मजबूरी को देखते हुए खेला जा रहा है. एकनाथ शिंदे की शिवसेना के पास 29 पार्षद हैं.
