
ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक नीति और टैरिफ की धमकियों ने यूरोप को अभूतपूर्व रूप से एकजुट कर दिया है. यूरोपीय यूनियन और उसके प्रमुख सदस्य देशों ने साफ कर दिया है कि वे न तो दबाव में आने वाले हैं और न ही किसी तरह के आर्थिक ब्लैकमेल को बर्दाश्त करेंगे. अमेरिका-यूरोप का ये विवाद अब केवल बयानबाजी या कूटनीतिक मतभेद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके संकेत एक वैश्विक व्यापार युद्ध और गहरे रणनीतिक टकराव की ओर इशारा कर रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर जिस तरह यूरोपीय देशों को टैरिफ की धमकी दी है, उसके बाद माहौल गंभीर हो चुका है. यूरोपीय देशों ने इसे तानाशाही करार दिया है और जर्मनी को छोड़कर ज्यादातर लोगों ने एक ही बात कही है कि ये ब्लैकमेलिंग है और इसके जवाब दिया जाना जरूरी है. सभी देशों ने मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया है कि ये किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है.
