
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिस गाजा बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का न्यौता भारत-पाकिस्तान-इटली समेत 60 देशों को दिया था, वो अब विवादास्पद हो चुका है. फ्रांस, नॉर्वे, कनाडा और स्वीडन के इसमें शामिल होने से मना करने के बाद अब ट्रंप के इस बोर्ड में ऐसे देश की एंट्री होने वाली है, जो चौंकाने वाला है. दरअसल रूस ने कहा है कि वो डोनाल्ड ट्रंप के इस फोरम में शामिल होने को तैयार है. हालांकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसके साथ ही कुछ ऐसा कहा है, जो बेहद दिलचस्प है.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस, यूक्रेन युद्ध के बाद शांति और पुनर्निर्माण के प्रयासों में सहयोग देने को तैयार है. उन्होंने बताया कि इसकी सदस्यता के लिए जो 1 अरब अमेरिकी डॉलर की राशि अदा करनी है, वो अमेरिका, रूस अपने फ्रीज किए गए विदेशी संपत्तियों में से काट सकता है. मजे की बात ये है कि रूस उन फ्रोजेन संपत्तियों की बात कर रहा है, जो रूस-यूक्रेन शांति समझौता होने के बाद यूक्रेन के युद्ध से तबाह हुए इलाकों के पुनर्निर्माण में लगाया जाना है.
