
राजस्थान में जेल की सलाखों के पीछे पनपी एक अनोखी प्रेम कहानी आज सुर्खियों में है. दो अलग-अलग क्रूर हत्याकांडों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दो कैदी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद उर्फ जैक आज शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. यह घटना इसलिए खास है, क्योंकि दोनों ने जेल की ओपन जेल में रहते हुए एक-दूसरे से प्यार किया, पुराने रिश्तों को पीछे छोड़ा और अब पैरोल पर बाहर आकर विवाह रचाने वाले हैं. राजस्थान हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जिला पैरोल एडवाइजरी कमेटी ने दोनों को 15 दिनों की पैरोल मंजूर की, जो बुधवार से शुरू हुई. शादी अलवर जिले के बड़ौदामेव गांव में हनुमान के पैतृक घर पर हो रही है.
दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार, इस कहानी की शुरूआत जयपुर की सांगानेर ओपन जेल से होती है. प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद दोनों जयपुर सेंट्रल जेल में बंद थे, लेकिन करीब एक साल पहले उन्हें राजस्थान प्रिजनर्स ओपन एयर कैंप नियमों, 1972 के तहत ओपन जेल में शिफ्ट किया गया. ओपन जेल में कैदियों को ज्यादा आजादी मिलती है. वे काम कर सकते हैं, परिवार से मिल सकते हैं और सामान्य जीवन की झलक पा सकते हैं. इसी खुली व्यवस्था में दोनों की मुलाकात हुई. लगभग एक साल पहले उनका अफेयर शुरू हुआ. पिछले कुछ महीनों से वे जेल परिसर में ही एक-दूसरे के साथ रह रहे थे, जैसे लिव-इन रिलेशनशिप में.
