
समंदर की गहराइयों में अब भारत की ताकत पहले से कहीं ज्यादा घातक होने जा रही है. दुश्मन को भनक भी नहीं लगेगी और पानी के नीचे से उठेगा ऐसा आग का गोला, जो पलभर में सब कुछ तबाह कर देगा. भारतीय नौसेना ने ब्लैक शार्क एडवांसड (BSA) हेवीवेट टॉरपीडो के लिए 1896 करोड़ रुपए की डील फाइनल कर ली है. यह डील सिर्फ हथियारों की खरीद नहीं है, बल्कि हिंद महासागर में भारत की अंडरवॉटर स्ट्राइक कैपेबिलिटी को नई ऊंचाई देने वाला फैसला है. कराची जैसे दुश्मन के अहम समुद्री ठिकाने अब कहीं ज्यादा करीब और ज्यादा असुरक्षित हो गए हैं.
ANI की रिपोर्ट के अनुसार यह सौदा ऐसे वक्त हुआ है, जब इंडो-पैसिफिक में समुद्री तनाव लगातार बढ़ रहा है. चीन की पनडुब्बियां हिंद महासागर में सक्रिय हैं और पाकिस्तान अपनी सबमरीन फ्लीट को तेजी से मजबूत कर रहा है. ऐसे माहौल में भारतीय नौसेना की कलवरी-क्लास सबमरीन्स को दुनिया के सबसे घातक टॉरपीडो से लैस करना एक बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है. इटली की डिफेंस कंपनी WASS (Whitehead Alenia Sistemi Subacquei) ने इस करार को भारत की अंडरवॉटर वॉरफेयर क्षमता के लिए ‘गेम-चेंजर’ बताया है.
