
अबू धाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय वार्ता शुक्रवार को शुरू हुई. रूस ने साफ कर दिया है कि वह युद्ध खत्म करने के लिए पूर्वी डोनबास क्षेत्र से यूक्रेनी सेनाओं की वापसी की अपनी मांग से पीछे नहीं हटेगा. रूस और यूक्रेन का युद्ध लगभग चार साल पहले शुरू हुआ था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से समर्थित शांति योजना पर रूस और यूक्रेन के बीच पहली आमने-सामने की बातचीत है. संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि ये चर्चा दो दिनों तक चलेगी और इसका उद्देश्य ‘संवाद को बढ़ावा देना और संकट का राजनीतिक समाधान खोजना’ है.
यूक्रेन को क्या है डर?
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि क्षेत्रीय मुद्दा वार्ता का मुख्य विषय होगा. उन्होंने कहा कि डोनबास एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, और यह चर्चा एक महत्वपूर्ण कदम है, हालांकि इसका परिणाम अभी अनिश्चित है. उन्होंने उम्मीद जताई कि वार्ता युद्ध की समाप्ति की ओर अग्रसर होगी, लेकिन इस बात का डर भी जताया कि इस प्रक्रिया में बाधाएं आ सकती हैं. UAE में ये वार्ताएं ट्रंप की दावोस में जेलेंस्की से मुलाकात और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ की ओर से रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत के बाद हो रही हैं.
