
उत्तर प्रदेश के लिए 24 जनवरी काफी अहम है. आज प्रदेश अपना 76वां स्थापना दिवस मना रहा है. भारत की सांस्कृतिक धरोहरों को अगर किसी एक प्रदेश की पहचान में समेटा जाए, तो उत्तर प्रदेश इसका सबसे जीवंत उदाहरण है. यहां राम की अयोध्या तो कृष्ण का मथुरा-वृंदावन, बुद्ध की सारनाथ तो गंगा-यमुना का संगम इलाहाबाद, ताजमहल वाला आगरा और बनारस जैसा शाश्वत शहर- यह धरती इतिहास, आध्यात्म, राजनीति और संस्कृति की एक अद्भुत संगमभूमि है. इस विराट पहचान को सलाम करते हुए उत्तर प्रदेश हर साल 24 जनवरी को अपना स्थापना दिवस मनाता है. इसी मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी. यूपी को विकास का ग्रोथ इंजन बताया.
यूपी का इतिहास
गौरतलब है, उत्तर प्रदेश दिवस को आधिकारिक रूप से पहली बार 2018 में मनाया गया था. 24 जनवरी 1950 को यूनाइटेड प्रोविंस का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश किया गया, जिसने इस राज्य को एक नई पहचान दी. वर्तमान उत्तर प्रदेश को 1807 में ‘सीडेड एंड कॉन्कर्ड प्रोविंस’ कहते थे, फिर 1834 में ‘आगरा प्रेसिडेंसी’ और 1836 में ‘उत्तर-पश्चिम प्रांत’ नाम मिला. बाद में 1902 में अवध और आगरा को मिलाकर ‘यूनाइटेड प्रोविंस ऑफ आगरा एंड अवध’ कहा गया, जिसे 1946 में संक्षेप में ‘यूनाइटेड प्रोविंस’ कर दिया गया. स्वतंत्र भारत में 24 जनवरी 1950 को इसका नाम बदलकर ‘उत्तर प्रदेश’ रखा गया और 2000 में इसके पर्वतीय हिस्से से ‘उत्तराखंड’ राज्य बना.
भारत की विकास यात्रा में एक मजबूत आधार स्तंभ: राष्ट्रपति
यूपी स्थापना दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदेशवासियों को बधाई दी. उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को मेरी शुभकामनाएं. गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति की यह धरती भारत की विकास यात्रा में एक मजबूत आधार स्तंभ रही है. मुझे विश्वास है कि उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा. मैं इस राज्य के मेहनती और प्रतिभाशाली लोगों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूं.
