
बांग्लादेश में चुनावी माहौल के बीच कट्टरता खुलकर सामने आने लगी है. एक तरफ जमात-ए-इस्लामी के नेता ने मंच से अल्पसंख्यकों को संसद से बाहर करने की धमकी दी, तो दूसरी तरफ एक और हिंदू युवक को जिंदा जलाकर मार दिए जाने की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. इन दोनों घटनाओं ने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. शुक्रवार रात नरसिंदी में 23 साल के हिंदू युवक चंचल भौमिक को उसकी ही दुकान के अंदर जिंदा जला दिया गया. वह दुकान में सो रहा था, तभी शटर बंद कर पेट्रोल डाला गया और आग लगा दी गई. आरोप है कि हमलावर बाहर खड़ा रहा और चंचल की जलकर मौत होने तक देखता रहा, फिर भाग गया.
हिंदूओं पर बांग्लादेश में बढ़े हमले
चंचल अपने परिवार का अकेला सहारा था. पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी. वह बीमार मां, दिव्यांग बड़े भाई और छोटे भाई की जिम्मेदारी उठा रहा था. पिछले छह साल से वह उसी गैराज में काम करता और वहीं रहता था. स्थानीय लोगों के मुताबिक वह बेहद सीधा और मेहनती युवक था, जिसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. परिवार का कहना है कि यह हत्या सोची-समझी साजिश लगती है और इसके पीछे धार्मिक नफरत हो सकती है. यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले दीपु चंद्र दास और खोकोन चंद्र दास को भी इसी तरह जिंदा जलाया जा चुका है. हाल के महीनों में कई हिंदुओं पर हमले हुए हैं. इस बीच जमात के एक नेता का भड़काऊ बयान आया है.
