
करीब चार साल से बारूद के ढेर पर बैठे यूक्रेन में अब शांति की पहली ठोस उम्मीद नजर आने लगी है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी का दस्तावेज 100% तैयार है. जेलेंस्की का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब एक दिन पहले ही अबू धाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच एक अहम त्रिपक्षीय बैठक हुई है. जेलेंस्की के हाव-भाव और बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि पर्दे के पीछे चल रही कूटनीतिक बातचीत में कुछ हद तक प्रगति हुई है.
लिथुआनिया की राजधानी विलनियस के दौरे पर गए जेलेंस्की ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमारे लिए सुरक्षा गारंटी का मतलब सबसे पहले अमेरिका से मिलने वाली सुरक्षा की गारंटी है. वह दस्तावेज अब 100% तैयार है. हम बस अपने सहयोगियों (अमेरिका) की तरफ से तारीख और जगह तय होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि हम उस पर हस्ताक्षर कर सकें. उन्होंने बताया कि हस्ताक्षर होने के बाद इस दस्तावेज को अमेरिकी कांग्रेस और यूक्रेनी संसद में समर्थन के लिए भेजा जाएगा.
अबू धाबी वार्ता से साफ- ‘समस्याएं अब कम हैं’
शुक्रवार और शनिवार को अबू धाबी में रूस और यूक्रेन के वार्ताकारों ने अमेरिकी मध्यस्थों की मौजूदगी में पहली बार आमने-सामने बात की. इसका मकसद वाशिंगटन द्वारा तैयार किए गए उस फ्रेमवर्क पर चर्चा करना था, जिससे इस लंबी जंग को खत्म किया जा सके. हालांकि, इस बैठक में कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया, लेकिन दोनों पक्ष आगे की बातचीत के लिए राजी हैं. जेलेंस्की ने इस बातचीत को सकारात्मक संकेत देते हुए कहा, अबू धाबी में अमेरिका के 20-सूत्रीय (20-point) प्लान और विवादास्पद मुद्दों पर चर्चा हो रही है. पहले बहुत सारे समस्याग्रस्त मुद्दे थे, लेकिन अब वे कम हो गए हैं.
