
मिडिल ईस्ट में ईरान गृह युद्ध और युद्ध जैसे संकट से गुजर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अटैक की धमकी दे रहे हैं. अमेरिका का ईरान पर हमला करना आसान नहीं होगा क्योंकि उसे ईरान के करीब वाले देशों की जल, थल और नभ की जरूरत होगी. इसी क्रम में अमेरिका ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) उसके जमीन की मांग की थी. हालांकि, यूएई अमेरिकी ताकत के सामने झुकने इनकार करते हुए ऐसा करने से मना कर दिया है. ठीक उसी तरह जैसे भारत तमाम ग्लोबल दबावों के बावजूद अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर चलते हुए ईरान के साथ दोस्ती निभाता आया है. अब यूएई भी अपने पड़ोसी मुल्क ईरान के साथ ढाल बनकर खड़ा हो गया है. यूएई ने साफ शब्दों कहा कि वह ईरान पर किसी भी हमले के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देगा.
बताते चलें कि वैश्विक राजनीति में भारत हमेशा से यह संदेश देता आया है कि वह किसी गुट का हिस्सा नहीं बनेगा, बल्कि अपने हितों और पुराने दोस्तों के साथ खड़ा रहेगा. अब यूएई ने भी इसी ‘इंडिपेंडेंट फॉरेन पॉलिसी’ (स्वतंत्र विदेश नीति) की बात की है माने कि वह किसी ताकतवर देश के अपनी स्वतंत्र फॉरेन पॉलिसी में समझौता नहीं करेगा.
