
मिडिल ईस्ट में जंग के बादल गहराने लगे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिका का एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन और कई विनाशक युद्धपोत मिडिल ईस्ट पहुंच गए हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने सोमवार को इसकी पुष्टि की. इस तैनाती से राष्ट्रपति ट्रंप के पास अब ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने या अमेरिकी बलों की सुरक्षा करने की पहले से कहीं ज्यादा ताकत आ गई है.
गुरुवार को ही राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका का एक आर्मडा यानी विशाल जंगी बेड़ा ईरान की तरफ बढ़ रहा है. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उम्मीद है कि उन्हें इसका इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा. यह तैनाती एशिया-पैसिफिक क्षेत्र से की गई है. इसका मुख्य कारण ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद वहां की सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा तनाव है. ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों को मारना जारी रखा तो अमेरिका दखल देगा. हालांकि, अब खबरें हैं कि प्रदर्शन थोड़े थम गए हैं.
