
अमेरिका की साइबर सुरक्षा से जुड़ी एक अहम सरकारी एजेंसी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की साइबर सुरक्षा और अवसंरचना सुरक्षा एजेंसी (CISA) के कार्यवाहक प्रमुख ने 2025 की गर्मियों में संवेदनशील सरकारी दस्तावेज पब्लिक वर्जन वाले ChatGPT में अपलोड कर दिए. इस कदम के बाद एजेंसी के भीतर कई सुरक्षा वार्निंग सक्रिय हो गईं. मामले से परिचित अधिकारियों ने बताया कि CISA के अंतरिम प्रमुख मधु गोट्टुमुक्कला ने मई 2025 में एजेंसी में आने के तुरंत बाद AI चैटबॉट तक पहुंच की मांग की थी.
चैट जीपीटी के इस्तेमाल की मिली थी इजाजत
उस समय होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट (DHS) के अधिकांश कर्मचारियों के लिए ChatGPT का इस्तेमाल प्रतिबंधित था. इसके बावजूद उन्हें विशेष अनुमति दी गई. एक अधिकारी ने कहा कि गोट्टुमुक्कला ने एजेंसी पर दबाव डालकर ChatGPT की अनुमति हासिल की और फिर इसका गलत तरीके से उपयोग किया. हालांकि, अपलोड किए गए दस्तावेज गोपनीय श्रेणी में नहीं आते थे, लेकिन वे ऐसे संवेदनशील फाइलें थीं जिन पर ‘फॉर ऑफिशियल यूज ओनली’ का लेबल लगा हुआ था. इस तरह की जानकारी सार्वजनिक करने के लिए नहीं होती.
