
मिडिल ईस्ट में ईरान को लेकर तनाव जैसे-जैसे बढ़ रहा है, सऊदी अरब की भूमिका अब सवालों के घेरे में आ गई है. एक तरफ सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) खुले तौर पर ईरान की संप्रभुता की बात कर रहे हैं और संभावित सैन्य कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सऊदी रक्षा मंत्री और प्रिंस खालिद बिन सलमान (KBS) अमेरिका में बिल्कुल अलग संदेश देते नजर आए हैं. MBS और KBS आपस में सगे भाई हैं. एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में एक बंद कमरे की बैठक के दौरान सऊदी रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करता, तो ईरानी शासन और मजबूत होकर उभरेगा.
सऊदी के दो चेहरे
यह बयान सऊदी अरब के अब तक के सार्वजनिक रुख से ठीक उलट माना जा रहा है. पिछले कुछ हफ्तों में सऊदी अरब लगातार यह कहता रहा है कि वह ईरान के साथ तनाव नहीं चाहता. खुद MBS ने हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत में साफ कहा था कि सऊदी अरब अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं होने देगा. सऊदी सरकार की ओर से यह भी बयान आया कि वह ईरान की संप्रभुता का सम्मान करती है और कूटनीतिक समाधान चाहती है. लेकिन इसी बीच, सऊदी रक्षा मंत्री का अमेरिका में दिया गया बयान इस नीति पर सवाल खड़े करता है.
