
लिबिया आर्मी चीफ मोहम्मद अली अहमद अल-हद्दाद की मौत हो गई है. वे Dassault फॉल्कन 50 जेट से अंकारा से अपने देश लौट रहे थे. इस हादसे में हद्दाद समेत 8 लोगों की मौत हो गई है. इस हादसे ने एक बार फिर से Dassault फॉल्कन 50 जेट को फिर सुर्खियों में ला दिया है. माल्टा रजिस्टर्ड इस प्लेन का क्रैश तुर्की की राजधानी अंकारा के पास हुआ. बता दें कि इस प्लेन को राफेल फाइटर जेट बनाने वाली Dassault Aviation ही बनाती है, जो फ्रांस की कंपनी है. हालांकि, अब इसका निर्माण बंद हो चुका है. चलिए जानते हैं फॉल्कन 50 का इतिहास.
फॉल्कन 50 साल 1976 में लॉन्च किया था. यह बिजनेस जेट ट्रांस-अटलांटिक फ्लाइट्स के लिए मशहूर है. हालांकि, इसका इस्तेमाल मिलिट्री और गवर्नमेंट इस्तेमाल में भी काफी होता रहा है. राफेल की तरह फॉल्कन 50 में भी उन्नत एवियोनिक्स और विश्वसनीयता है, लेकिन यह कमर्शियल जेट है. राफेल (मिलिट्री फाइटर) की तुलना में फॉल्कन 50 ज्यादा वर्सेटाइल है. राफेल की स्पीड Mach 1.8 है. दोनों में Dassault की इंजीनियरिंग की छाप है- राफेल कॉम्बैट के लिए, Falcon लग्जरी ट्रांसपोर्ट के लिए.
फॉल्कन 50 कितना पावरफुल?
फॉल्कन 50 की ताकत मतलब ये है कि इसकी इंजन की ताकत को जानना जरूरी है क्योंकि ये प्लेन जब वीवीआईपी के लिए यूज्ड होता है तो इसका क्रैश होना नामुमकिन होता है.
