
भारत-बांग्लादेश रिश्तों में इस वक्त राजनीतिक तनाव, विरोध प्रदर्शन और कूटनीतिक तल्खी जरूर दिख रही है, लेकिन जमीन पर हालात उतने सीधे नहीं हैं जितने बाहर से लगते हैं. इसकी सबसे बड़ी मिसाल बांग्लादेश का हालिया फैसला है, जिसमें उसने साफ कहा है कि वह राजनीति से अलग रखकर आर्थिक हित देखेगा और इसी वजह से भारत से चावल खरीदेगा. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने यह स्वीकार किया है कि अगर भारत से चावल सस्ता मिल रहा है, तो उसे छोड़कर महंगे विकल्प चुनना कोई समझदारी नहीं होगी. यही कारण है कि बांग्लादेश ने भारत से 50,000 टन चावल खरीदने का फैसला किया है. दिलचस्प बात यह है कि उसी समय बांग्लादेश पाकिस्तान से भी 50,000 टन चावल खरीदेगा, लेकिन पाकिस्तान से यह सौदा भारत के मुकाबले काफी महंगा पड़ रहा है.
भारत से चावल खरीदने पर कितना फायदा होगा?
द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक भारत से चावल करीब 355 डॉलर (₹31,792) प्रति टन में मिल रहा है, जबकि पाकिस्तान से वही चावल 395 डॉलर (₹35374) प्रति टन में खरीदा जाएगा. यानी भारत से खरीद में बांग्लादेश को करोड़ों का फायदा है. डॉलर का आज का रेट लगभग 89.55 है, तो तस्वीर और साफ हो जाती है. भारत से चावल खरीदने पर बांग्लादेश को प्रति टन 40 डॉलर की बचत हो रही है. कुल 50,000 टन की खरीद में यह बचत 20 लाख डॉलर बैठती है. मौजूदा डॉलर रेट के हिसाब से यह रकम करीब ₹17 करोड़ 91 लाख होती है
