
नेपाल में जेन जी विरोध प्रदर्शनों की जांच कर रहे आयोग ने पूर्व गृहमंत्री को तलब किया है. आगामी दिनों में विभिन्न अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है, जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली का नाम भी शामिल है. मंगलवार को, कमीशन ने पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका के बारे में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया. सरकारी अनुमानों के अनुसार, देश में 77 लोगों की जान गई और 84.45 बिलियन नेपाली रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ.
केपी ओली ने किन परिस्थितियों में दिया था इस्तीफा?
जब 8 सितंबर को जेन-जी आंदोलन शुरू हुआ, तो केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार में लेखक गृह मंत्री पद पर थे. पुलिस फायरिंग में बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद, उन्होंने उसी दिन इस्तीफा दे दिया था. आयोग के अध्यक्ष गौरी बहादुर कार्की ने आईएएनएस को बताया, ‘हमने लेखक को पत्र लिखकर शुक्रवार को आयोग के सामने पेश होकर अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा है’.
