
बांग्लादेश में उग्रवादी आतंकवादियों के तरह हिंदुओं को धर्म पूछ-पूछ कर मार रहे हैं. दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग के बाद अब हिंदुओं के घर जलाने का मामला सामने आया है. इन सब हालातके बीच उन हिंदुओं ने आपबीती सुनाई है, जो जान बचाकर किसी तरह भारत पहुंचे हैं. जिनमें तबला वादक मैनाक विश्वास भी शामिल हैं, वो 48 घंटे की मशक्कत के बाद हिंसा प्रभावित बांग्लादेश से अपने वतन सुरक्षित लौट आए हैं. उन्होंने बताया कि वो बांग्लादेश में गली-गली में घूम रही भारत विरोधी भीड़ से आखिर कैसे बचे?
जहां होने था इवेंट वहीं मची तोड़फोड़
मैनाक विश्वास ढाका में अपने सहयोगियों के साथ परफॉर्मेंस के लिए पहुंचे थे. यहां उन्हें एक इवेंट में शामिल होना था लेकिन हालात बिगड़ गए और वो किसी तरह वहां से जान बचाकर वतन लौटे. मैनाक के अलावा प्रसिद्ध सरोद वादक शिराज अली खान भी शनिवार को हिंसक भीड़ के चंगुल से बच निकले और कोलकाता लौट आए. ढाका के धानमंडी इलाके में खान के संगीत कार्यक्रम को निशाना बनाया गया और उसमें तोड़फोड़ की गई, जिसके बाद उनका निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था.
