
बांग्लादेश की राजनीति का एक बड़ा अध्याय आज हमेशा के लिए बंद हो गया. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख और देश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया (Khaleda Zia) का मंगलवार, 30 दिसंबर को तड़के निधन हो गया. लंबी बीमारी और बुढ़ापे की समस्याओं से जूझ रही खालिदा जिया ने ढाका में अंतिम सांस ली. उनकी मौत की खबर से न केवल बांग्लादेश बल्कि पूरे दक्षिण एशियाई राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है.
खालिदा जिया सिर्फ एक राजनेता नहीं थीं. वे बांग्लादेश के उस दौर की गवाह थीं, जब देश सैन्य शासन से निकलकर लोकतंत्र की ओर बढ़ रहा था. एक शर्मीली गृहिणी से लेकर देश की ‘लौह महिला’ बनने तक का उनका सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा और संघर्षपूर्ण रहा. आइए जानते हैं उनके जीवन के अनसुने पहलुओं, शेख हसीना के साथ उनकी प्रसिद्ध दुश्मनी और उनके राजनीतिक सफर की पूरी कहानी.
शुरुआती जीवन: जब राजनीति से थी कोसों दूर
15 अगस्त 1945 को दिनाजपुर में जन्मीं खालिदा जिया का शुरुआती जीवन बेहद सामान्य था. 1960 में उनकी शादी पाकिस्तानी सेना के कैप्टन (जो बाद में बांग्लादेश के राष्ट्रपति बने) जियाउर रहमान से हुई थी. उस समय खालिदा की छवि एक घरेलू महिला की थी, जिन्हें राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं थी. कहा जाता है कि जब उनके पति राष्ट्रपति थे, तब भी खालिदा सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम ही नजर आती थीं और अपने बच्चों की परवरिश में व्यस्त रहती थीं.
