
भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर चीन नया-नया अमेरिका बनने चला था. क्रेडिट के चक्कर में चीन ने भी डोनाल्ड ट्रंप वाली गलती कर दी. अब उसे भारत से डांट सुननी पड़ी है. जी हां, भारत और पाकिस्तान के बीच जंग खत्म कराने वाले दावे पर भारत ने डोनाल्ड ट्रंप की तरह ही चीन को अच्छे से सुनाया है. भारत ने चीन के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है कि उसने इस साल की शुरुआत में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के दौरान कोई मध्यस्थता की भूमिका निभाई थी. भारत ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुए भारत-पाक सीजफायर समझौते में कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं था.
CNN-News18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि नई दिल्ली चीन के इस दावे को पूरी तरह से खारिज करती है कि उसने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध के दौरान बीच मध्यस्थता की थी. भारत ने इस बात पर जोर दिया कि दुश्मनी खत्म करने में किसी बाहरी देश की कोई भूमिका नहीं थी. भारत ने पहले भी कहा है कि पाकिस्तान ने सीजफायर की गुहार लगाई थी, तब जाकर भारत ने जंग रोकने का फैसला किया था.
