
शनिवार की सुबह जैसे ही काराकास की हवा में बारूद की गंध फैली, वेनेजुएला के लोगों को अहसास हो गया कि कुछ बहुत बड़ा हो चुका है. खबर फैली कि अमेरिकी सेना देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपने साथ ले गई है. सत्य साईं बाबा के भक्त निकोलस मदुरो की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही. 23 नवंबर 1962 को करारक के एक साधारण परिवार में जन्मे मदुरो कभी कॉलेज की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए. हाई स्कूल खत्म होते ही पेट पालने के लिए उन्होंने सड़कों पर बस चलानी शुरू कर दी. यही वह समय था जब उन्होंने ट्रांजिट वर्कर्स यूनियन की नींव रखी. बस की स्टीयरिंग पकड़ने वाले इन हाथों ने धीरे-धीरे राजनीति की दिशा भी समझ ली. Cuba में मिली राजनीतिक ट्रेनिंग ने उन्हें दिवंगत नेता Hugo Chávez का सबसे भरोसेमंद सिपाही बना दिया. चावेज़ के साये में रहते हुए मदुरो ने विदेश मंत्री और उपराष्ट्रपति जैसे अहम पद संभाले और आखिरकार साल 2013 में वेनेजुएला की सत्ता की कुर्सी तक पहुंच गए.
