
अमेरिका दुनिया का सबसे पावरफुल देश है और इसी ताकत के दम पर उसने कई बार दूसरे देशों का इतिहास और भूगोल बदल दिया है. दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में दखल देना और उन्हें अपने हितों के हिसाब से मोड़ना ‘अंकल सैम’ की पुरानी आदत रही है. अब उसी सिलसिले में वेनेजुएला का नाम जुड़ गया है. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर ट्रंप ने खुला ऐलान कर दिया है कि अब वेनेजुएला की कमान अमेरिका के हाथ में होगी. मादुरो पर आरोप तय कर दिए गए हैं और उन्हें सजा सुनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है. यह पहला मौका नहीं है जब अमेरिका ने किसी देश के चुने हुए राष्ट्रपति के साथ ऐसा किया हो. ठीक 22 साल पहले भी दुनिया ने ऐसा ही मंजर देखा था, जब अमेरिका ने एक देश के राष्ट्रपति को फांसी के फंदे तक पहुंचा दिया था.
अमेरिका ने दोहराया सद्दाम हुसैन वाला कांड
बात है 2003 की जब यही हश्र इराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन का हुआ था. मादुरो और सद्दाम की घटनाएं कई मायनों में भले ही काफी अलग हैं लेकिन अमेरिका की भूमिका और ऑपरेशन को अंजाम देने का पैटर्न वही पुराना है. अमेरिका कई बार अंतरराष्ट्रीय कानूनों को दरकिनार कर खुद को ‘वैश्विक पुलिस’ घोषित कर चुका है.
