
शनिवार की वो सर्द शाम, जब लोग घरों में दुबक कर बैठे थे, तब वेव सिटी इलाके की सड़कों पर गश्त करती एक महिला अधिकारी ने ड्यूटी और इंसानियत का वो चेहरा दिखाया जो विरले ही देखने को मिलता है. हम बात कर रहे हैं एसीपी प्रियाश्री पाल की, जिन्होंने क्रॉसिंग रिपब्लिक अंडरपास के नीचे ठंड से ठिठुरते बच्चों और बुजुर्गों को देख अपनी गाड़ी रुकवाई और अपने हाथों से कंबल ओढ़ाकर उनकी सर्द रातों को गर्माहट से भर दिया. यह कहानी सिर्फ एक अधिकारी के कर्तव्य की नहीं, बल्कि उस ‘इंसानियत’ की है जो खाकी वर्दी के नीचे धड़कती है.
गश्त के दौरान जब थम गए कदम
एसीपी प्रियाश्री पाल अपनी टीम के साथ क्रॉसिंग रिपब्लिक इलाके में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रही थीं. इसी दौरान उनकी नजर खुले आसमान के नीचे और झुग्गियों में कांप रहे परिवारों पर पड़ी. उन्होंने बिना देर किए तुरंत थाना प्रभारी को निर्देश दिए और खुद कंबल लेकर जरूरतमंदों के बीच पहुंच गईं. इस दौरान उन्होंने कई बच्चों को जब उन्होंने खुद कंबल ओढ़ाया, तो उन चेहरों पर जो मुस्कान आई. इतना ही नहीं, एसीपी प्रियाश्री पाल ने करीब 25 परिवारों को अपने हाथों से कंबल दिए. उनके इस कदम ने पुलिस के प्रति जनता के भरोसे को और भी मजबूत कर दिया.
