
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय पर हाल के दिनों में लगातार हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे देश में सुरक्षा और सामाजिक तनाव की स्थिति गंभीर होती जा रही है. केवल पिछले 24 घंटों में दो ऐसे जानलेवा हमले हुए हैं, जिनमें हिंदू समुदाय के दो निर्दोष लोगों की मौत हो गई. पिछले दो महीने में हिंदुओं की हत्याओं ने बांग्लादेश में दूसरे धर्मों को लेकर कैसा माहौल है, ये उजागर कर दिया है. मणि चक्रवर्ती और एक अन्य व्यक्ति की हत्या ने इस स्थिति को और ज्यादा चिंताजनक बना दिया है.
मणि चक्रवर्ती नरसिंदी जिले के चारसिंदुर बाजार में अपनी किराने की दुकान चलाते थे, जिनकी सोमवार की रात अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मणि को गंभीर चोटें आईं, और उन्हें स्थानीय लोगों ने अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में या अस्पताल पहुंचने के थोड़ी देर बाद उनकी मौत हो गई. मणि ने अपने फेसबुक पोस्ट में 17 दिन पहले ही देश में बढ़ती हिंसा और अशांति के बारे में अपनी चिंता जताई थी. उनकी पोस्ट ने बांग्लादेश में हिंदुओं के डर और अनहोनी की आशंका को जाहिर कर दिया है.
‘मेरी जन्मभूमि मौत की घाटी बन गई है’
बांग्लादेश में हत्या होने से पहले मणि चक्रवर्ती ने अपने फेसबुक पोस्ट में देश की वर्तमान स्थिति को लेकर दर्द और चिंता व्यक्त की थी. उन्होंने लिखा था- ‘यहां हर जगह आग है, इतनी हिंसा फैल गई है. मेरा जन्मस्थान आज मौत की घाटी जैसा हो गया है.’ ये पोस्ट उन्होंने 19 दिसंबर को किया था, जिसमें उन्होंने देश में बढ़ती हिंसा और अशांति के कारण गहरी निराशा जताई थी. कुछ रिपोर्टों के अनुसार मणि शांत और मिलनसार व्यक्ति थे और उनकी यह पोस्ट दिखाती है, उस भय और परेशानी का जो उन्होंने अपने समाज में महसूस की थी. यह पोस्ट उनके हत्याकांड से पहले किया गया अहम सोशल मीडिया संदेश माना जा रहा है, जो बांग्लादेश में जन्मे हिंदुओं के डर को बयां किया है.
