
रूस ने वेनेजुएला के तट के पास एक पुराने और जर्जर तेल टैंकर की सुरक्षा के लिए पनडुब्बी और अन्य नौसैनिक जहाज तैनात कर दिए हैं. उसके इस कदम से अमेरिका और रूस के बीच तनाव और बढ़ गया है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने यह जानकारी दी है. रूस की पनडुब्बी और नौसैनिक जहाजों के अटलांटिक सागर में उतरने का ये समय महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वक्त अमेरिका प्रतिबंधित तेल व्यापार पर सख्ती से कार्रवाई कर रहा है और रूस पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है.
रूस की इस टैंकर का नाम पहले Bella 1 था. अमेरिका का आरोप है कि यह जहाज उन टैंकरों के नेटवर्क का हिस्सा है, जिनका इस्तेमाल प्रतिबंधों के बावजूद अवैध तेल व्यापार के लिए किया जाता है. पिछले दो हफ्तों से अमेरिकी यूएस कोस्ट गार्ड इस जहाज पर नजर रखे हुए था और इसे रोकने की कोशिश कर रहा था. यही वजह है कि इसकी निगरानी में रूस को अपनी नेवल वेसल्स सागर में उतारनी पड़ी.
अमेरिका को चैलेंज कर रहा है रूस
रूस का यह टैंकर वेनेजुएला में तेल लोड करने में नाकामयाब रहा और अमेरिकी निगरानी से बचते हुए अटलांटिक महासागर की ओर निकल गया. रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर में जब यूएस कोस्ट गार्ड ने जहाज पर सवार होने की कोशिश की, तो चालक दल ने इसका विरोध किया और जहाज को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मोड़ दिया. इसके बाद जहाज पर हड़बड़ी में रूसी झंडा पेंट कर दिया, इसका नाम बदलकर ‘मैरिनेरा’ रख दिया. इसका रजिस्ट्रेशन भी रूस में करा लिया. एक्सपर्ट्स के मुताबिक रूस का ये कदम अमेरिका को सीधे-सीधे चुनौती देने वाला है.
