
भारत के शाही इतिहास में महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ का नाम केवल उनकी सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि उनकी उच्च शिक्षा और बौद्धिक क्षमता के लिए भी सम्मान से लिया जाता है. बड़ौदा के गायकवाड़ राजवंश की बहू राधिकाराजे को अक्सर ‘भारत की सबसे सुंदर महारानी’ के रूप में संबोधित किया जाता है, लेकिन उनके व्यक्तित्व की गहराई उनकी डिग्री और उनके संस्कारों में छिपी है. उनके पिता ने आईएएस अफसर बनने के लिए शाही सुख-सुविधाएं त्याग दी थीं.
महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ की शिक्षा और उनका लालन-पालन दिल्ली के प्रगतिशील माहौल में हुआ, जिसने उन्हें आधुनिक दृष्टिकोण प्रदान किया. उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा हासिल की और पत्रकारिता जैसे चैलेंजिंग क्षेत्र में भी अपने कदम रखे. महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ को देश की सबसे मॉडर्न महारानी भी कहा जाता है. वह दुनिया के सबसे बड़े निज निवास में रहती हैं, जिसे बकिंघम पैलेस से चार गुना बड़ा बताया जाता है.
पिता ने ठुकराई रियासत, चुना सिविल सेवा का मार्ग
राधिकाराजे गायकवाड़ गुजरात के शाही परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उनका जन्म वांकानेर की शाही रियासत में हुआ था. उनके पिता महाराज कुमार डॉ. रंजीत सिंह जी ने बहुत बड़ा ऐतिहासिक निर्णय लिया था. उन्होंने अपने शाही टाइटल और रियासत के ऐशो-आराम को त्याग कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की परीक्षा पास की. पिता के इस निर्णय का राधिकाराजे पर गहरा प्रभाव पड़ा, जिससे उन्हें समझ आया कि नाम से बड़ा व्यक्ति का काम और शिक्षा होती है.
