
मैक्सिको के लिए उसकी अपनी धरती पर विदेशी सेना का होना महज एक सुरक्षा मुद्दा नहीं बल्कि एक गहरा भावनात्मक और ऐतिहासिक घाव है. 19वीं सदी के युद्धों के बाद से मैक्सिको अपनी ‘संप्रभुता’ (Sovereignty) को लेकर बेहद जिद्दी रहा है. मैक्सिको का संविधान और वहां के राष्ट्रपति स्पष्ट रूप से कहते रहे हैं कि वे अपने आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी दखल को बर्दाश्त नहीं करेंगे. लेकिन दूसरी तरफ, अमेरिका प्रशासन और रिपब्लिकन नेताओं का सुर बदला हुआ है. उनका तर्क है कि अगर मैक्सिको अपने ड्रग कार्टेल्स को नहीं रोक पा रहा तो अमेरिका को अपनी सुरक्षा के लिए ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ या सैन्य दखल का अधिकार है.
