
ईरान में जारी गृहयुद्ध जैसे हालात अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गए हैं. जनता गुस्से में सड़कों पर उग्र प्रदर्शन पर उतर आई है लेकिन खामेनेई भी हार नहीं मान रहे हैं. अब तक इस प्रदर्शन में करीब 60 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन अब सरकार ने अब प्रदर्शनकारियों को सीधे तौर पर मौत की सजा देने का ऐलान किया है. खामेनेई ने चीखते हुए फैसला सुना दिया है कि विद्रोह करने वालों को ‘सजा-ए-मौत’ दी जाएगी. सिर्फ यही नहीं उन्हें ‘खुदा का दुश्मन’ मानकर फांसी पर लटकाया जाएगा और ये सजा सिर्फ प्रदर्शनकारियों तक सीमित नहीं रहेगी.
ईरान में क्या है ‘मोहरेब’ कानून
ईरानी अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने आधिकारिक चेतावनी जारी की है कि जो भी प्रदर्शनों में हिस्सा लेगा, उसे ‘मोहरेब’ यानी ‘ईश्वर का दुश्मन’ माना जाएगा. ईरानी में ये एक क्रूर कानून है, जिसमें अनुच्छेद 190 के तहत, इस आरोप में दोषी पाए जाने पर फांसी की सजा, हाथ-पैर काटना या स्थायी निर्वासन भी दिया जा सकता है. यह सजा केवल हिंसा करने वालों के लिए नहीं, बल्कि प्रदर्शनकारियों की जानबूझकर मदद करने वालों पर भी लागू हो सकती है.
