
कल्पना कीजिए समंदर के सीने पर तैरते एक ऐसे लोहे के पहाड़ की जिसके एक इशारे पर दुनिया के किसी भी कोने में तबाही का मंजर बिछाया जा सकता है. यह कोई हॉलीवुड फिल्म का दृश्य नहीं बल्कि अमेरिकी नौसेना का गेराल्ड आर. फोर्ड विमानवाहक पोत है. जब यह 1 लाख टन वजनी दैत्य समंदर की लहरों को चीरता हुआ आगे बढ़ता है तो दुश्मन देशों के रडार कांपने लगते हैं और सैटेलाइट्स की नजरें इसी पर टिक जाती हैं. इसे समंदर का अजेय किला कहना गलत नहीं होगा क्योंकि इसकी सुरक्षा में तैनात मिसाइलें और लेजर गन परिंदे को भी पर मारने की इजाजत नहीं देते. यह सिर्फ एक जहाज नहीं बल्कि अमेरिका का वो घमंड है जिसे चुनौती देने की हिम्मत फिलहाल दुनिया की किसी भी सेना में नहीं है.
