
हाड़ कंपाने वाली ठंड और कोहरे की घनी चादर के बीच प्रयागराज की पावन रेती पर आस्था, अध्यात्म और अटूट विश्वास का सबसे बड़ा समागम ‘माघ मेला 2026’ अपने पूरे शबाब पर है. संगम तट पर ‘हर-हर गंगे’ के उद्घोष और शंखों की गूंज के साथ लाखों श्रद्धालु हर दिन पवित्र डुबकी लगा रहे हैं. वहीं दूसरी ओर मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2026) और मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya 2026) जैसे प्रमुख स्नान पर्वों के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है. भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए एक से बढ़कर एक इंतजाम किए जा रहे हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के दूसरे ही दिन से विशेष व्यवस्थाओं पर काम शुरू कर दिया गया है.
अलग-अलग घाटों पर की गई व्यवस्था
इस बार प्रशासन की सबसे अहम तैयारी यह है कि विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग घाटों पर स्नान की व्यवस्था की जाएगी. इससे भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और श्रद्धालुओं को स्नान में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा, यातायात और स्नान व्यवस्था पूरी तरह सुचारू बनी रहे.
