
संगम की रेती पर इन दिनों विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन चल रहा है. माघ मेले में देश के कोने-कोने से साधु संत भी पहुंचे हैं और तरह-तरह के अनुष्ठान भी कर रहे हैं. माघ मेले में साधु संत के साथ ही साधक भी अनुष्ठान और तंत्र साधना करने के लिए आते हैं. ऐसी ही एक तंत्र साधना से न्यूज़ 18 आपको रूबरू कर रहा है. माघ मेले में यह तंत्र साधना श्री पंचदश नाम जूना अखाड़े के श्री दत्तात्रेय सेवा समिति शिविर के बाहर जूना अखाड़े के नागा संन्यासियों की ओर से कराई गई है.
तंत्र साधना रात के ठीक 12 बजे अघोर साधुओं द्वारा की जाती है. तंत्र साधना श्मशान में साधना कर चुके अघोर साधु ही करते हैं. ऐसी मान्यता है कि तंत्र साधना का फल कभी निष्फल नहीं जाता है. माघ मेले में 10 महाविद्या की तंत्र साधना कामाख्या बलीघर की पीठाधीश्वर और जूना अखाड़े की नागा संन्यासी और सनातनी किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर भवानी मां ने अघोर साधुओं और जूना अखाड़े के नागा संन्यासियों के साथ की है.
यह विशेष तंत्र साधना उन्होंने बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं की हत्या को रोके जाने, सत्य सनातन की रक्षा, अखंड भारत, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा मिले,भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने और भारत को सशक्त राष्ट्र बनाने के साथ ही लोकमंगल के कल्याण के लिए की है.
