
भारत की बख्तरबंद ताकत पिछले कुछ सालों में जिस रफ्तार से बदली है उसने पूरे क्षेत्र की सैन्य गणनाओं को नए सिरे से लिख दिया है. आज भारतीय सेना के पास ऐसे मुख्य युद्धक टैंक और टैंक-रोधी सिस्टम हैं, जो रफ्तार, मारक क्षमता और सुरक्ष तीनों में दुश्मन से कई कदम आगे हैं. यह उस रणनीतिक दबदबे का है जो अर्जुन Mk-1A, टी-90 भीष्म और जोरावर टैंक जैसे प्लेटफॉर्म पैदा करते हैं. 120 मिमी और 125 मिमी गन, आधुनिक आर्मर और एडवांस सेंसर मिलकर विरोधी बख्तरबंद ताकत को बेअसर कर सकते हैं.
