
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऑफिस व्हाइट हाउस की ओर से ईरान को लेकर बड़ा ऐलान किया गया है. व्हाइट हाउस ने कहा है कि उसने ईरान में 800 फांसी की सजाएं रोकी हैं और अमेरिका हालात पर नजर बनाए हुए हैं. व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि अमेरिका के सामने सभी विकल्प खुले हुए हैं. लेकिन इससे पहले खबर आई कि अमेरिका ने ईरान से पर्दे के पीछे समझौता कर लिया है. यानी अब ईरान पर किसी भी तरह का हमला नहीं होने वाला. इस बीच अमेरिका में एक और अजीबोगरीब घटनाक्रम देखने को मिला. व्हाइट हाउस में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार सौंपा गया. सवाल उठता है कि क्या यह पुरस्कार उन्होंने फांसी रुकवाने के लिए मिला और क्या यह नोबेल कमेटी ने सौंपा है? तो ऐसा नहीं है. दरअसल गुरुवार को वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो व्हाइट हाउस में ट्रंप से मिलने पहुंची थीं. तभी उन्होंने अपना नोबेल शांति पुरस्कार ट्रंप को सौंप दिया. हालांकि इससे वह पुरस्कार ट्रंप का नहीं हो जाता, लेकिन फिर भी वह गदगद हैं.
ट्रंप ने वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो का सार्वजनिक रूप से धन्यवाद किया है. उन्होंने नोबेल शांति पुरस्कार सौंपने को ‘आपसी सम्मान का अद्भुत संकेत’ बताया. गुरुवार को व्हाइट हाउस में हुई इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात को वेनेजुएला के राजनीतिक भविष्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका ने देश के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया है. वाशिंगटन में पत्रकारों से बात करते हुए मचाडो ने कहा कि उन्होंने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार की मेडल दी, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ट्रंप ने इसे औपचारिक रूप से स्वीकार किया या नहीं.
