
आकर्षण का केंद्र बने ‘कांटे वाले बाबा’
संगम की रेती पर इस बार बिहार के कटिहार से आए बाबा रमेश निषाद चर्चा का विषय हैं. पिछले 43 वर्षों से वह कांटों की शैय्या पर लेटकर कठिन साधना कर रहे हैं. श्रद्धालुओं के लिए कौतूहल का केंद्र बने बाबा का संकल्प है कि जब तक काशी और मथुरा में भव्य मंदिरों का निर्माण नहीं हो जाता, उनकी यह हठयोग साधना जारी रहेगी. और पढ़ें
प्रयागराज माघ मेला 2026 लाइव: सुरक्षा के कड़े इंतजाम और हाईटेक मॉनिटरिंग
मेला प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए हैं. पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और मेलाधिकारी लगातार स्थिति का जायजा लेते रहे. सुरक्षा के लिए 12 कंपनी PAC, NDRF की 2 टीमें, ATS और बम निरोधक दस्ता (BDDS) तैनात हैं. ड्रोन और हाईटेक ट्रैफिक कंट्रोल रूम के जरिए भीड़ पर नजर रखी जा रही है. जल पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि नदी के बदलते जलस्तर के बीच कोई हादसा न हो.
