
गुजरात के राजकोट जिले में 7 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई क्रूरता और बलात्कार के मामले में दोषी को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. इस बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने पुलिस से लेकर अदालत को भी झकझोर कर रखा दिया. स्पेशल कोर्ट के जज वीए राणा ने घटना के महज 40 दिन के अंदर ही फैसला सुनाया और POCSO केस में दोषी 30 वर्षीय रामसिंह तेरसिंह डुडवा को फांसी की सुनाई दी. रामसिंह मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले का निवासी है.
यह भयावह घटना 4 दिसंबर 2025 की है. राजकोट जिले के अटकोट के पास स्थित कांपर गांव में पीड़ित बच्ची अपने भाई-बहनों के साथ खेल रही थी. इसी दौरान मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे रामसिंह ने बच्ची को जबरन उठाया और उसे पास के एक पेड़ के पास ले गया. वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसके निजी अंगों में करीब 5 इंच लंबी लोहे की रॉड डाल दी. बच्ची की चीख-पुकार सुनकर पास के कमरे में मौजूद उसकी बुआ मौके पर भागी-भागी पहुंचीं, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुका था.
बेहद नाजुक हालत में मिली बच्ची
बुआ ने बच्ची को बेहद गंभीर अवस्था में पाया, जहां उसके शरीर बेहद ज्यादा खून बह रहा था. उन्होंने तुरंत बच्ची के पिता को सूचना दी और एंबुलेंस के जरिये उसे कांपर गांव के सरकारी अस्पताल पहुंचाया. बच्ची की हालत नाजुक होने के कारण उसे पहले जसदान सरकारी अस्पताल और फिर रात करीब 9 बजे राजकोट के महिला अस्पताल रेफर किया गया. भारी खून बहने के चलते डॉक्टरों को सर्जरी करनी पड़ी और काफी मशक्कत के बाद बच्ची की हालत स्थिर की जा सकी.
