
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से गाजा के लिए प्रस्तावित बोर्ड ऑफ पीस में जिस तरह से को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है. जिस तरह से डोनाल्ड ट्रंप इसके लिए लोगों को इनवाइट भेज रहे हैं, उसे लेकर आशंकाएं उठ रही हैं कि इसे केवल गाजा संकट से जुड़ी पहल नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रभाव को चुनौती देने वाली एक वैकल्पिक वैश्विक व्यवस्था के तौर पर देखा जा रहा है.
भारत-पाकिस्तान-इटली-तुर्की जैसे कई देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ट्रंप के निमंत्रण पत्र पहुंच रहे हैं, जिसकी वजह से इस प्रस्तावित निकाय की संरचना आशंका और मजबूत हो रही है. वैसे तो बोर्ड ऑफ पीस को शुरुआत में गाजा में युद्धविराम और आगे की व्यवस्था की निगरानी के लिए बनाया जा रहा है लेकिन इसमें अलग-अलग देशों को न्यौता भेजा रहा है, उसे देखते हुए लग रहा है कि ये कोई अलग ही संघ बनाया जा रहा है.
