
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की डेढ़ घंटे के आधिकारिक दौरे को विदेश मंत्रालय ने काफी बड़ा करार दिया है. दोनों देशों के बीच कई अहम दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ और 12 समझौतों पर हस्ताक्षर भी हुए. इन समझौतों का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और निवेश के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करना है.
दोनों नेताओं का संयुक्त बयान जारी किया गया. विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान से पहले यात्रा को लेकर विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यूएई के राष्ट्रपति ने अभी-अभी नई दिल्ली की अपनी आधिकारिक यात्रा पूरी की है. यह एक छोटी, लेकिन बहुत महत्वपूर्ण यात्रा थी. एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद उनका स्वागत किया, जो एक खास इशारा है और दोनों नेताओं के बीच बहुत गर्मजोशी भरे और करीबी रिश्तों को दिखाता है. इसके बाद वे एयरपोर्ट से प्रधानमंत्री आवास तक साथ गए, जहां सीमित और फिर बड़े फॉर्मेट में बातचीत हुई, जिसमें प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने एक-दूसरे से बात की. नेताओं की मौजूदगी में कई डॉक्यूमेंट्स का भी आदान-प्रदान हुआ. इस यात्रा का महत्व यूएई के राष्ट्रपति के साथ आए प्रतिनिधिमंडल की बनावट से समझा जा सकता है. इसमें अबू धाबी और दुबई दोनों के शाही परिवारों के सदस्य, और कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी शामिल थे.”
