
ग्रीनलैंड के चक्कर में ट्रंप ने सिर्फ यूरोपीय देशों को नाराज नहीं किया है बल्कि अमेरिका के सबसे बड़े इन्वेस्टर्स को धक्का मार दिया है. ट्रंप की बेवकूफी के बाद यूरोपीय देशों ने भारत पर भरोसा करने का फैसला किया है. आने वाले कुछ हफ्ते भारत के लिए अहम होने वाले हैं. हाल ही में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत के साथ अपकमिंग डील्स को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ का ट्रेलर देकर भारत आने की तारीख भी बता दी है. आगे जानें भारत और यूरोपीय देशों के बीच होने वाली इस ट्रेड डील से दुनिया का आर्थिक नक्शा कैसे बदलेगा.
‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ : EU
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने दावोस (WEF 2026) के मंच से जो ऐलान किया है, जिसके बाद दुनिया के आर्थिक नक्शे को बदलने वाला है. उन्होंने ऐलान किया है कि ‘दावोस के ठीक बाद, अगले हफ्ते के आखिर में मैं भारत की यात्रा पर जाने वाली हूं. अभी भी बहुत काम करना बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते की कगार पर हैं. वास्तव में, कुछ लोग इसे अब ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं. एक ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा, जो वैश्विक जीडीपी का लगभग एक चौथाई हिस्सा होगा और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और गतिशील महाद्वीपों में से एक के साथ पहले कदम उठाने का लाभ मिलेगा’.
