
अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप एक दिन धमकी देते हैं. ऐसा लगता है कि जो चेतावनी दे रहे हैं, वो करके दिखा ही देंगे. फिर उस यूटर्न ले लेते हैं. उनकी लेंग्वेज बुली करने वाली होती है, ऐसा लगता है कि वो किसी की परवाह नहीं करते. यहां तक कि दोस्तों को भी नाराज करते हैं. पूरी दुनिया में ट्रंप की इस किस्म की राजनीति से हाहाकार मचा हुआ है. इस डिप्लोमेसी को आमतौर पर क्या कहते हैं. क्या आपको मालूम है. दुनिया में पहले भी ऐसी डिप्लोमेसी कुछ नेता करते रहे हैं. इसे मैडमैन डिप्लोमेसी कहते हैं.
मैडमैन डिप्लोमेसी असल में कोई गाली नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति की एक सोची-समझी और काफी ख़तरनाक रणनीति है. डोनाल्ड ट्रंप ने इसे खुले तौर पर अपनाया लेकिन ये विचार उनसे बहुत पुराना है.
मैडमैन डिप्लोमेसी क्या होती है?
इस सिद्धांत का मूल विचार सीधा है – अपने विरोधियों को यह यकीन दिला दो कि आप इतने अनिश्चित, चिड़चिड़े और इस हद तक जाने वाले हैं कि अगर ज़रा भी उकसाया गया तो आप कुछ भी कर सकते हैं – यहां तक कि आत्मघाती कदम भी. यानी ऐसा डर पैदा करना, ताकि सामने वाला झुक जाए. इसमें नेता जानबूझकर खुद को अस्थिर, आवेगी, नियम तोड़ने वाला और परमाणु युद्ध तक जाने को तैयार दिखाता है.
