
वेनेजुएला पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो फिलहाल अमेरिका की गिरफ्त में हैं. उन्हें 3 जनवरी की रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इशारे पर वेनेजुएला से उठा कर अमेरिका लाया गया जहां उनपर कई आरोप लगाए गए हैं. इन आरोपों के आधार पर उन पर मुकदमा चल रहा है. इस बीच वेनेजुएला की सत्ता में उस रात क्या हुआ, इसकी परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं. उस रात का एक ऑडियो लीक हुआ है. इस ऑडियो में सत्ता के सबसे क्रूर खेल की गवाही हैं. लीक ऑडियो ने उस भयावह रात के रहस्य पर पर्दा उठाया है जब मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देश की कमान डगमगा गई थी. उस रात सत्ता के गलियारों में अफरा-तफरी थी. फोन पर धमकियां थीं, समय की सुई दौड़ रही थी और सामने था जीवन-मरण का अल्टीमेटम. इस ऑडियो ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन था या योजनाबद्ध तख्तापलट, जिसमें डर और ब्लैकमेल हथियार बने. ऑडियो में 15 मिनट में फैसला करने को कहा गया.
द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक लीक रिकॉर्डिंग में जो आवाज सुनाई देती है, वह वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की बताई जा रही है. छह मिनट की बातचीत में वह दावा करती हैं कि अमेरिकी बलों ने मादुरो की गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें और कैबिनेट के शीर्ष नेताओं को 15 मिनट का वक्त दिया. शर्त साफ थी वॉशिंगटन की मांगें मानो या जान से जाओ. यह ऑडियो ऐसे समय सामने आया है, जब अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह दावा किया जा रहा है कि रोड्रिगेज महीनों से अमेरिका के साथ गुप्त बातचीत कर रही थीं. यानी सत्ता की बिसात पहले से बिछी थी. अब सवाल यह है कि उस रात फैसला किसने लिया, किस दबाव में लिया और वेनेजुएला की राजनीति को किस दिशा में मोड़ दिया गया.
