
कहते हैं कि विकास का रास्ता अच्छी सड़कों से होकर गुजरता है, लेकिन खोड़ा और आसपास के इलाकों में यह रास्ता गंदे पानी और गड्ढों में तब्दील हो चुका है. शुक्रवार को हुई हल्की वर्षा ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका के दावों की पोल खोलकर रख दी है. जल निकासी की व्यवस्था ध्वस्त होने के कारण नालों का गंदा पानी न केवल सड़कों पर बह रहा है, बल्कि लोगों के घरों और दुकानों में भी घुस गया है.
तालाब में तब्दील हुई सड़कें, थम गई रफ्तार
यूपीसीडा (UPSIDA) की ओर से कड़कड़ मॉडल में रामलीला पार्क के पास मुख्य सड़क बनाने के लिए करीब छह महीने पहले खुदाई की गई थी. स्थानीय निवासी नीरज रावल का आरोप है कि खुदाई के बाद सड़क को अधूरा छोड़ दिया गया. अब बारिश के बाद यह पूरी सड़क किसी तालाब जैसी नजर आती है. दोपहिया और चार पहिया वाहन इसमें फंस रहे हैं, जिससे लोग चोटिल हो रहे हैं. यूपीसीडा के डीजीएम आरएस यादव का कहना है कि कॉन्ट्रैक्टर के साथ विवाद के कारण काम रुका है, लेकिन इस विवाद की सजा आम जनता भुगत रही है.
