
देश ने आज बड़े ही उत्साह और गर्व के साथ 77वां गणतंत्र दिवस मनाया. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जब परेड की सलामी ले रही थी, तभी वहां तिरंगे के साथ-साथ यूरोपीय यूनियन (EU) का नीला झंडा भी लहराता दिखा. यह नजारा न केवल अनोखा था, बल्कि कई लोगों के लिए हैरान करने वाला भी.
सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि आखिर गणतंत्र दिवस पर परेड में भारत के राष्ट्रीय ध्वज के साथ किसी विदेशी संगठन का झंडा क्यों फहराया गया? क्या यह कोई नई परंपरा है या कोई खास संदेश? चलिये समझते हैं…
गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि है ईयू
दरअसल इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय यूनियन को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था. ईयू के प्रतिनिधिमंडल में यूरोपीय कमिशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ कई बड़े नेता शामिल थे. यह पहली बार हुआ जब किसी बहुराष्ट्रीय संगठन को गणतंत्र दिवस पर इतना प्रमुख स्थान दिया गया. यह कदम भारत और ईयू के बीच गहरे रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है.
