
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका की ओर से कोई भी सैन्य कार्रवाई की गई, तो ईरानी सेनाएं तुरंत और पूरी ताकत से जवाब देंगी. हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत के दरवाजे खुले रखने का संकेत भी दिया. बुधवार को दिए गए सार्वजनिक बयानों में अराघची का रुख दोहरा नजर आया. एक तरफ उन्होंने सख्त सैन्य चेतावनी दी, वहीं दूसरी ओर बातचीत की संभावना भी जताई.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने लिखा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी हमले का जमीन, हवा और समुद्र में कड़ा जवाब देने के लिए उनकी उंगलियां ट्रिगर पर हैं. अराघची ने यह भी कहा कि ईरान हमेशा से एक निष्पक्ष और समान शर्तों वाले परमाणु समझौते के पक्ष में रहा है. उन्होंने दोहराया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और परमाणु हथियार उसके सुरक्षा सिद्धांतों का हिस्सा नहीं हैं. यह ईरान का पुराना रुख है, जिस पर पश्चिमी देश लगातार सवाल उठाते रहे हैं.
