
महाराष्ट्र की पॉलिटिक्स में जिसका डर था वही होता दिख रहा है. अजित पवार के निधन का अब उनकी पार्टी में साइड इफेक्ट दिखने लगा है. अजित पवार के जाते ही एनसीपी में दो फाड़ हो गया है. सूत्रों का कहना है कि अजित पवार की एनसीपी अब दो गुटों में बंट गई है. एक ग्रुप महायुति में साथ रहना चाहता है तो दूसरा शरद पवार के साथ जाना चाहते है. एनसीपी में इस बिखराव से भाजपा की टेंशन बढ़ गई है. अजित पवार गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हुए.
दरअसल, महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो गया है. डिप्टी सीएम अजित पवार का बुधवार यानी 28 जनवरी 2026 को बारामती में प्लेन क्रैश में निधन हो गया. अजित पवार के जाने के बाद उनकी एनसीपी गुट में खलबली मच गई है. सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार गुट अब दो हिस्सों में बंट गया है. एक ग्रुप महायुति (बीजेपी-शिवसेना) के साथ रहना चाहता है, जबकि दूसरा ग्रुप शरद पवार के साथ वापस जाना चाहता है. यही वो डर था जो कई लोगों को सता रहा था कि अजित पवार के बिना उनका गुट बिखर सकता है.
