
अमेरिका ने अपनी नौसेना को एक और बेहद घातक हथियार सौंप दिया है. वर्जीनिया क्लास की परमाणु पनडुब्बी यूएसएस इडाहो (USS Idaho) को आधिकारिक तौर पर अमेरिकी नेवी के हवाले कर दिया गया है. इस घटना की जानकारी ऐसी समय में आई है जब हाल ही में खुलासा हुआ था कि चीन ने 100 से ज्यादा इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) अपने मिसाइल साइलो में तैनात कर दी हैं. दोनों घटनाओं को जोड़कर देखा जाए तो साफ है कि अमेरिका और चीन के बीच रणनीतिक टकराव अब नए स्तर पर पहुंच चुका है.
यूएसएस इडाहो एक परमाणु ऊर्जा से चलने वाली अटैक सबमरीन है, जिसका मतलब है कि यह महीनों तक बिना सतह पर आए समुद्र के नीचे रह सकती है. इसे 15 दिसंबर को अमेरिकी शिपबिल्डर जनरल डायनेमिक्स इलेक्ट्रिक बोट ने नेवी को सौंपा. अब यह कुछ महीनों तक परीक्षण और समुद्री ट्रायल से गुजरेगी, जिसके बाद 2026 की शुरुआत में इसे पूरी तरह नेवी में कमीशन किया जाएगा. चीन लगातार अपनी नेवल पावर बढ़ा रहा है, इसे देखते हुए अमेरिका भी पीछे नहीं रह सकता. फायर पावर इंडेक्स 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के पास 61 तो वहीं अमेरिका के पास 70 पनडुब्बी हैं.
