
बांग्लादेश अब बवाल का दूसरा नाम बन गया है. कभी खुशहाल बांग्लादेश अब अपनी बर्बादी की कहानी खुद लिख रहा है. जी हां, बांग्लादेश रक्तरंचित हो चुका है. कभी इकोनॉमी में भारत को टक्कर देने वाला बांग्लादेश अब पाक से भी बदतर हो चुका है. कुल मिलाकर बांग्लादेश भारी अशांति और हिंसा की चपेट में है. बांग्लादेश की बर्बादी की कहानी तो पिछले साल अगस्त से ही शुरू होती है. मगर दिसंबर 2025 आते-आते हालात बहुत बिगड़ चुके हैं. सड़कें खून से लाल हो रही हैं, लोग डर के साए में जी रहे हैं और देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है. कभी हिंदू की हत्या हो जाती हो तो कभी मुसलमान की. कभी धमाका हो जाता है तो कभी गोली चल जाती है. जब से शेख हसीना की सत्ता का तख्तापलट हुआ है, ऐसा लग रहा है कि बांग्लादेश की किस्मत ही फूट गई गई है.
जी हां, बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद से ही यह बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा. शेख हसीना अभी भारत में हैं. मगर सवाल यह है कि बांग्लादेश की बर्बादी का विलेन कौन है, आखिर बांग्लादेश को बर्बाद करने की सुपारी किसने ली है? पर्दे के पीछे कौन सा खेल चल रहा है? अगर पिछले एक साल से अधिक के घटनाक्रम को देखें तो बांग्लादेश की इस बर्बादी की मुख्य वजह खुद नोबेल विजेता मुहम्मद यूनुस ही हैं. पिछले 4 अगस्त 2024 से आज 25 दिसंबर 2025 तक की पूरी कहानी बताती है कि बांग्लादेश बवाल के विलेन मुहम्मद यूनुस हैं. वह अमेरिका के साथ मिलकर पर्दे के पीछे से साजिश रच रहे हैं, जबकि पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारों पर यह हिंसा भड़काई जा रही है. तो चलिए समझते हैं बांग्लादेश की बर्बादी की पूरी कहानी और इसके किरदारों को.
