
भारत और पाकिस्तान के बीच इस साल हुए सीजफायर को लेकर अमेरिका एक बार फिर चर्चा में है. भारतीय मूल के अमेरिकी अधिकारी रिकी गिल को इस सीजफायर से जुड़े संवाद में भूमिका निभाने के लिए नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का ‘डिस्टिंग्विश्ड एक्शन अवॉर्ड’ दिया गया है. यह सम्मान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रिकी गिल को दिया है. अमेरिकी प्रशासन के इस कदम को ऐसे देखा जा रहा है कि मानो वॉशिंगटन एक भारतीय मूल के अधिकारी के माध्यम से यह संकेत देना चाहता हो कि भारत-पाकिस्तान सीजफायर में उसकी भी भूमिका रही है.
रिकी गिल को ये अवॉर्ड देना साबित कर रहा है कि अमेरिका उस युद्धविराम डील पर मुहर लगाना चाहता है, जिससे भारत ने हमेशा इनकार किया है. सभी भारत ने इस दावे को पहले ही सिरे से खारिज कर रखा है.अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, रिकी गिल को यह सम्मान आंतरिक समन्वय और कूटनीतिक संपर्कों में योगदान के लिए दिया गया. इस मामले को लेकर भारत का रुख बिल्कुल साफ है कि सीजफायर दो भारत-पाकिस्तान की वार्ता के बाद हुआ था, जिसमें अमेरिका का कोई योगदान नहीं था.
